तनाव रहित जीवन जीने के लिए कभी भी अपने बचपन को नहीं भूलना चाहिए , पुराने सहपाठीयों से मुलाकात , उनके साथ बिताए वो दिन उनके साथ शेयर करने से जीवन में नया जोश एवं स्फुर्ती प्रदान करते हैं ।
भाई बहनों के साथ की गई मस्ती कभी की गई नोंक झोंक भी याद आने पर दिल को गुदगुदाती है ।
मां बाप का स्नेह एवं दुलार भी आपको तनाव रहित रखने में मदद करता है ।
तनाव आज के माहौल में फ़ैल रहा सबसे ख़तरनाक विष है ,व्यपार के उतार चढ़ाव भी एक कारण हो सकते हैं , कुछ चीजें हमारे वश में नहीं होती उनको समय पर छोड़ देना चाहिए , कहते हैं हरदम समय एकसा नहीं रहता ,हर रात के बाद सवेरा आता है ।
कभी भी प्रस्थितियों के गुलाम मत बनो ।
आज जिस प्रकार प्राकृति अपने पुराने दिनों को लौटाने की मशक्कत कर रही है जैसे की हवा , पानी , वायु को स्वच्छ करने में निस्वार्थ भाव से लगी है जरा सोचो किस के लिए , प्रकृति का इस सब में उसका अपना कोई स्वार्थ नहीं है वो सब हम लोगों के लिए ही कर रही है ।
ना जाने कितने सालों में हमने हर वो चीज़ जो हमारी नहीं थी प्रकृति की थी उसको मैला किया , अपने लिए जो अमृत हमें जीवन में मिला उसको विषाक्त करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी ।
पवित्र एवं निरोगी काया को हमने बिमारियों का घर बना कर छोड़ दिया ।
हर वो चीज जो हमें अपने भगवान , अल्ल्लाह , वाहेगुरु एवं जीसस क्राइस्ट से मिली उसका आकार इतना बुरा बना दिया कि आज वो सब भी दुखी हैं कि आखिर ये सब इंसान के दिमाग में घुसा ।
" तनाव के सिवाय हमने क्या पाया "
कोरोना एक पड़ाव है सोचने समझने का , जीवन को एक बार फिर से व्यवस्थित करने का ,काम ,क्रोध ,लोभ , मोह को त्याग कर , अपने अपने भगवान से क्षमा मांगने का ।
इसके बाद फिर ना जाने आपको इस जीवन में दुबारा मौका मिले या ना मिले ।
आपका
प्रदीप .....
Lage raho munna bhai
ReplyDeleteये अन नोन कोन है भाई ,नाम नहीं आता आपका
Delete👍🙏
Deleteमुन्ना भाई अनपढ़ था
ReplyDeleteVery nice Pradeep. You are a good cook and now a good writer too.
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