प्यार ,ममता , इंसानियत जैसे शब्दों पर ना इनको कोई समझ है आखिर कब तक एक दूसरे का रक्त पी कर अपनी प्यास बुझाते रहेंगे । धर्म का इनको ज्ञान नहीं ,कर्म का इनको पता नहीं , व्यवहार का , दूसरों के सम्मान का और अपने हो रहे अपमान का इनको कोई अहसास नहीं । असुरक्षित महसूस कर रहे हैं बच्चे से लेकर बूढ़े तक , महिलाओं को ढाल बनाकर देश का माहौल बिगाड़ने पर तूले हैं ।कोई मसीहा मोहब्बत का पैगाम कब लाएगा जो इन भटके हुए लोगों को राह दिखाएगा । ये बताएगा कि देश प्रेम से बढ़कर कुछ नहीं है । आप तभी तक सुरक्षित हैं जब तक आपका देश सुरक्षित है ।
आज देश गहरे संकट से गुजर रहा है , देश को सबके साथ की जरूरत है अफवाहों पर ध्यान ना देते हुए देश के शीर्ष नेतृत्व पर विश्वास करते हुए अपने आप को और देश को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अपना पूरे दिल और दिमाग से सहयोग करें । बाहर के दुश्मनों से लोहा लिया जा सकता है लेकिन भीतरघात का मुक़ाबला कठिन होता है । हम सब एक देश के एक परिवार है अपनी पूरी सामर्थ्य से सब एक जूट हो कर उन ताकतों को पहचानने की कोशिश करें जो हमें अंदर से खोखला करना चाहती हैं । बाहरी या भीतरी दुश्मनों को मिल कर ऐसी सजा दें कि फिर कभी हमें कमजोर करने की कोशिश ना करें ।
जय भारत !!
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